बक-राक्षसस्य आह्वानम् तथा वृक्षयुद्धम्
Summons of Baka and the Tree-Weapon Engagement
स्वसारं वसुदेवस्य शत्रुसड्घावमर्दिन: । कुन्तिराजसुतां कुन्तीं सर्वलक्षणपूजिताम्,“जो शत्रुसमूहका संहार करनेवाले वसुदेवजीकी बहिन तथा महाराज कुन्तिभोजकी कन्या हैं, समस्त शुभ लक्षणोंके कारण जिनका सदा समादर होता आया है, जो राजा विचित्रवीर्यकी पुत्रवधू तथा महात्मा पाण्डुकी धर्मपत्नी हैं, जिन्होंने हम-जैसे पुत्रोंको जन्म दिया है, जिनकी अंगकान्ति कमलके भीतरी भागके समान है, जो अत्यन्त सुकुमार और बहुमूल्य शय्यापर शयन करनेके योग्य हैं, देखो, आज वे ही कुन्तीदेवी यहाँ भूमिपर सोयी हैं! ये कदापि इस तरह शयन करनेके योग्य नहीं हैं
vaiśampāyana uvāca |
svasāraṃ vasudevasya śatrusaṅghāvamardinaḥ |
kuntirājasutāṃ kuntīṃ sarvalakṣaṇapūjitām ||
Vaiśampāyana dit : « Kuntī—sœur de Vasudeva et fille du roi Kuntibhoja—toujours honorée pour la plénitude de ses marques auspiciennes ; elle est liée à des héros qui écrasent les hordes ennemies. »
वैशम्पायन उवाच