अध्याय १: उत्पात-दर्शनम् तथा वृष्णि-विनाश-श्रवणम्
Omens Observed and the Hearing of the Vṛṣṇi Destruction
कृतान्तमन्यथा नैच्छत् कर्तु स जगतः प्रभु: । श्वोभूतेडथ ततः साम्बो मुसलं तदसूत वै,यद्यपि भगवान् श्रीकृष्ण सम्पूर्ण जगत्के ईश्वर हैं तथापि यदुवंशियोंपर आनेवाले उस कालको उन्होंने पलटनेकी इच्छा नहीं की। दूसरे दिन सबेरा होते ही साम्बने उस मूसलको जन्म दिया
Aunque Śrī Kṛṣṇa es el Señor de todo el universo, no quiso alterar el kṛtānta, el destino que habría de caer sobre los Yādavas. A la mañana siguiente, Sāmba dio a luz aquella maza.
वैशम्पायन उवाच