Varṣa-Parvata-Nivāsinām Varnanam
Description of Regions, Mountains, and Their Inhabitants
उत्तराश्चापरम्लेच्छा: क्रूरा भरतसत्तम । यवनाश्नीनकाम्बोजा दारुणा म्लेच्छजातय:,भरतश्रेष्ठ] अब जो दक्षिणदिशाके अन्यान्य जनपद हैं उनका वर्णन सुनिये--द्रविड, केरल, प्राच्य, भूषिक, वनवासिक, कर्णाटक, महिषक, विकल्प, मूषक, झिल्लिक, कुन्तल, सौहृद, नभकानन, कौकुट्टक, चोल, कोंकण, मालव, नर, समंग, करक, कुकुर, अंगार, मारिष, ध्वजिनी, उत्सव-संकेत, त्रिगर्त, शाल्वसेनि, व्यूक, कोकबक, प्रोष्ठ, समवेगवश, विन्ध्यचुलिक, पुलिन्द, वल्कल, मालव, बल्लव, अपरबल्लव, कुलिन्द, कालद, कुण्डल, करट, मूषक, स्तनबाल, सनीप, घट, सूंजय, अठिद, पाशिवाट, तनय, सुनय, ऋषिक, विदभ, काक, तंगण, परतंगण, उत्तर और क्रूर अपरम्लेच्छ, यवन, चीन तथा जहाँ भयानक म्लेच्छक-जातिके लोग निवास करते हैं, वह काम्बोज
uttarāś cāparamlecchāḥ krūrā bharatasattama | yavanāś cīnakāmbojā dāruṇā mlecchajātayaḥ ||
Dijo Sañjaya: «Oh, el mejor de los Bháratas, en las regiones del norte también habitan pueblos fronterizos llamados “mleccha”, de conducta áspera y cruel. Los Yavanas, los Cīnas y los Kāmbojas son feroces, pertenecientes a temibles tribus no védicas».
संजय उवाच