/ फटा + (0) आस अन+- सप्तदशो< ध्याय: कौरवमहारथियोंका युद्धके लिये आगे बढ़ना तथा उनके व्यूह, वाहन और ध्वज आदिका वर्णन संजय उवाच यथा स भगवान् व्यास: कृष्णद्वैपायनो$बूवीत् । तथैव सहिता: सर्वे समाजम्मुर्महीक्षित:,संजय कहते हैं--राजन! श्रीकृष्णद्वैपायन भगवान् व्यासने जैसा कहा था, उसीके अनुसार सब राजा कुरक्षेत्रमें एकत्र हुए थे
Sañjaya dijo: Oh rey, tal como lo había declarado el venerable Vyāsa, Kṛṣṇa Dvaipāyana, así fue: todos los reyes se congregaron en Kurukṣetra.
संजय उवाच