Shloka 5

ब्राह्मण उवाच एवं संचोदित: सिद्ध: प्रश्नांस्तान्‌ प्रत्यभाषत । आनुपूर्व्येण वाष्णेय तनन्‍्मे निगदत: शृणु,ब्राह्मण कहते हैं--वृष्णिनन्दन श्रीकृष्ण! काश्यपके इस प्रकार पूछनेपर सिद्ध महात्माने उनके प्रश्नोंका क्रमशः: उत्तर देना आरम्भ किया। वह मैं बता रहा हूँ, सुनिये

Dijo el brahmán: Así interpelado, el gran Siddha comenzó a responder a aquellas preguntas en su debido orden. Oh Kṛṣṇa, gloria de los Vṛṣṇi, escucha: voy a referir lo que él declaró.

ब्राह्मण उवाच