नलस्य दमयन्त्युत्सर्गः
Nala’s Abandonment of Damayantī in the Lodging Hall
हि >> लय >> () है 7 एकोनषशष्टितमो< ध्याय: नलमें कलियुगका प्रवेश एवं नल और पुष्करकी द्यूतक्रीडा, प्रजा और दमयन्तीके निवारण करनेपर भी राजाका द्यूतसे निवृत्त नहीं होना ब॒हृदश्चव उवाच एवं स समयं कृत्वा द्वापरेण कलि: सह । आजगाम ततत्तत्र यत्र राजा स नैषध:,बृहदश्च मुनि कहते हैं--राजन्! इस प्रकार द्वापरके साथ संकेत करके कलियुग उस स्थानपर आया, जहाँ निषधराज नल रहते थे
Bṛhadaśva uvāca: evaṃ sa samayaṃ kṛtvā dvāpareṇa kaliḥ saha | ājagāma tataḥ tatra yatra rājā sa naiṣadhaḥ ||
Bṛhadaśva said: “Having thus made an agreement with Dvāpara, Kali came to that very place where the Naiṣadha king, Nala, was dwelling.”
ब॒हृदश्चव उवाच