स्त्री-विलापः — गान्धार्याः रणभूमिदर्शनं शापवचनं च
Battlefield Lament and Gāndhārī’s Curse
ततः कोपपरीताज्जी पुत्रशोकपरिप्लुता । जगाम शौरिं दोषेण गान्धारी व्यथितेन्द्रिया,तदनन्तर उनके सारे अंगोंमें क्रोध व्याप्त हो गया। पुत्रशोकमें डूब जानेके कारण उनकी सारी इन्द्रियाँ व्याकुल हो उठीं। उस समय गान्धारीने सारा दोष श्रीकृष्णके ही माथे मढ़ दिया
Then Gāndhārī, seized by wrath and drowned in grief for her sons, found all her senses in turmoil. At that time she laid the whole blame upon Śauri—Kṛṣṇa himself.
वैशम्पायन उवाच