इस प्रकार विशाल रूप धारण करके विदीर्ण शरीरवाला राक्षसराज घटोत्कच नीचे सिर करके प्राणशून्य हो आकाशसे पृथ्वीपर गिर पड़ा। उस समय उसका अंग-अंग अकड़ गया था और जीभ बाहर निकल आयी थी ।। स तद् रूप॑ भैरवं भीमकर्मा भीम कृत्वा भैमसेनि: पपात । हतो&प्येवं तव सैन्यैकदेश- मपोथयत् स्वेन देहेन राजन्,महाराज! भयंकर कर्म करनेवाला भीमसेनपुत्र घटोत्कव अपना वह भीषण रूप बनाकर नीचे गिरा। इस प्रकार मरकर भी उसने अपने शरीरसे आपकी सेनाके एक भागको कुचलकर मार डाला
sa tad rūpaṁ bhairavaṁ bhīmakarmā bhīmaṁ kṛtvā bhaimaseniḥ papāta | hato 'py evaṁ tava sainyaikadeśam apothayat svena dehena rājan ||
Sañjaya said: Having assumed that terrifying, formidable form, Ghaṭotkaca—the mighty son of Bhīmasena—fell headlong, his life gone. Even in death, O King, his huge body crashed down upon a portion of your army and crushed it.
संजय उवाच