चित्रसेनगन्धर्वैः कौरवसंनिपातः
Citrasena and the Kaurava engagement
निकृन्तनं च शत्रूणां लोकानां चाभिरक्षणम् | स्कन्देन सह जातानि सर्वाण्येव जनाधिप,राजन! शक्ति, धर्म, बल, तेज, कान्ति, सत्य, उन्नति, ब्राह्मणभक्ति, असम्मोह (विवेक), भक्तजनोंकी रक्षा, सुनका संहार और समस्त लोकोंका पालन--ये सारे गुण स्कन्दके साथ ही उत्पन्न हुए थे
Mārkaṇḍeya sprach: „O Herrscher der Menschen: das Niedermähen der Feinde und der Schutz der Welten—auch dies alles wurde mit Skanda geboren.“
मार्कण्डेय उवाच