कर्णेन युधिष्ठिरानीकविदारणम् / Karṇa’s Breach of Yudhiṣṭhira’s Battle-Line
महेश्वर उवाच राम तुष्टोडस्मि भद्रं ते विदितं मे तवेप्सितम् । कुरुष्व पूतमात्मानं सर्वमेतदवाप्स्यसि,महादेवजी बोले--राम! तुम्हारा कल्याण हो। मैं तुमपर बहुत प्रसन्न हूँ। तुम क्या चाहते हो, यह मुझे विदित है। अपने हृदयको शुद्ध करो। तुम्हें यह सब कुछ प्राप्त हो जायगा
Mahéśvara sprach: „Rama, Heil sei dir. Ich bin dir sehr gewogen; was du begehrst, ist mir bekannt. Läutere dein Selbst und dein Herz — dann wirst du all dies erlangen.“
महेश्वर उवाच