Śrāddha-Kalpa: Pitṛ-Pūjā and Tithi-Phala (श्राद्धकल्पः पितृपूजा च तिथिफलम्)
रुद्राणीति ततः क्रुद्धा प्रजोच्छेदे तदा कृते । देवानथाब्रवीत् तत्र स्त्रीभावात् परुषं वच:,“देवताओंने मेरी भावी संतानका उच्छेद कर डाला" यह सोचकर उस समय देवी रुद्राणी बहुत कुपित हुईं और स्त्री-स्वभाव होनेके कारण उन्होंने देवताओंसे यह कठोर वचन कहा--
Daraufhin geriet Rudrāṇī in heftigen Zorn, als die Auslöschung ihrer Nachkommenschaft bewirkt worden war. Dort sprach sie, ihrer weiblichen Natur folgend, harte Worte zu den Göttern:
भीष्म उवाच