ब्राह्मण–क्षत्रिय-श्रेष्ठता-विवादः
Arjuna–Vāyu Dialogue on Brāhmaṇa and Kṣatriya Precedence
अयं महाबलो नागो रसातलचरो बली । तेजस्वी रेणुको नाम महासत्त्वपराक्रम:,“यह रसातलमें विचरनेवाला, महाबली, शक्ति-शाली, महान् सत्त्व और पराक्रमसे युक्त तेजस्वी रेणुक नामवाला नाग यहाँ उपस्थित है। सब-के-सब महान् गजराज (दिग्गज) अत्यन्त तेजस्वी और महापराक्रमी होते हैं। वे पर्वत, वन और काननोंसहित समूची पृथ्वीको धारण करते हैं
ayaṁ mahābalo nāgo rasātalacaro balī | tejasvī reṇuko nāma mahāsattvaparākramaḥ ||
„Hier ist die Nāga-Schlange namens Reṇuka zugegen — strahlend, von ungeheurer Kraft, mächtig, in Rasātala wandelnd, begabt mit großer Lebenskraft und heldischem Mut.“
भीष्म उवाच