उत्तरं परिपप्रच्छ क्व यात इति चाब्रवीत् । आचरख्युस्तस्य तत् सर्व स्त्रिय: कन्याश्व वेश्मनि,तदनन्तर मत्स्यदेशके राजा सेनाओंके स्वामी विराटने ब्राह्मणों तथा प्रजावर्गके लोगोंको विदा कर दिया और (अन्तःपुरमें जाकर) उत्तरके विषयमें पूछा--'राजकुमार उत्तर कहाँ गये हैं?” तब घरमें रहनेवाली स्त्रियों और कन्याओंने उनसे सब बातें बनायीं --
vaiśampāyana uvāca | uttaraṃ paripapraccha kva yāta iti cābravīt | ācarakhyus tasya tat sarvaṃ striyaḥ kanyāś ca veśmani |
বৈশম্পায়ন বললেন—রাজা বিরাট ব্রাহ্মণ ও নগরবাসীদের বিদায় দিয়ে অন্তঃপুরে প্রবেশ করে উত্তর সম্বন্ধে জিজ্ঞাসা করলেন—“উত্তর কোথায় গিয়েছে?” তখন প্রাসাদবাসিনী নারীগণ ও কন্যাগণ তাঁকে সমস্ত ঘটনা বিস্তারিত জানাল।
वैशम्पायन उवाच