कुमारमाशु जानीत यदि जीवति वा न वा | यस्य यन्ता गत: षण्ढो मन्ये5हं स न जीवति,इस प्रकार सेनाओंके स्वामी मत्स्यनरेश विराटने अपनी उस चतुरंगिणी सेनाको शीघ्र आदेश दिया, “जाओ, शीघ्र पता लगाओ। कुमार जीवित हैं या नहीं। एक हिजड़ा जिसका सारथि बनकर गया है, वह मेरी समझसे तो अब जीवित नहीं होगा”
kumāram āśu jānīta yadi jīvati vā na vā | yasya yantā gataḥ ṣaṇḍho manye'haṃ sa na jīvati ||
শীঘ্রই জেনে এসো, রাজকুমার জীবিত আছে কি না। যার সারথি হয়ে এক ষণ্ড গিয়েছে, সে—আমার ধারণায়—আর বেঁচে নেই।
वैशम्पायन उवाच