अध्याय ५०: उत्तरेण सह अर्जुनस्य रथप्रयाणे ध्वजचिह्नैः कौरवसेनानिर्देशः
Arjuna directs Uttara by identifying Kaurava commanders through banners
युधिष्ठिरो जित: कस्मिन् भीमश्च बलिनां वर: । इन्द्रप्रस्थं त्वया कस्मिन् संग्रामे निर्जितं पुरा,धर्मराज युधिष्ठिर अथवा बलवानोंमें श्रेष्ठ भीमसेन तुम्हारे द्वारा किस युद्धमें परास्त किये गये हैं? आज जिस इन्द्रप्रस्थपर तुम्हारा अधिकार है, उसे पहले तुमने किस युद्धमें जीता था?
কৃপ বললেন—ধর্মরাজ যুধিষ্ঠিরকে তুমি কোন যুদ্ধে পরাজিত করেছ? অথবা বলবানদের শ্রেষ্ঠ ভীমকে? আর আজ যে ইন্দ্রপ্রস্থের উপর তোমার অধিকার, তা তুমি আগে কোন রণক্ষেত্রে জয় করেছিলে? বলো, রাজা দুর্যোধন!
कृप उवाच