बृहन्नडाप्रवेशः — Bṛhannadā’s Entry into Virāṭa’s Assembly
सहदेव उवाच पज्चानां पाण्डुपुत्राणां ज्येष्ठो भ्राता युधिष्ठिर: । तस्याष्टशतसाहस्रा गवां वर्गा: शतं शतम्,सहदेव बोले--राजन्! पाँचों पाण्डवोंमें सबसे बड़े भाई युधिष्ठिर हैं। उनके पास एक प्रकारकी गौओंके आठ लाख झुंड थे और प्रत्येक झुंडमें सौ-सौ गायें थीं
সহদেব বললেন— রাজন! পাঁচ পাণ্ডবের মধ্যে জ্যেষ্ঠ ভ্রাতা যুধিষ্ঠির। তাঁর ছিল গোরুর আট লক্ষ পাল, আর প্রতিটি পালে ছিল শত শত গাভী।
सहदेव उवाच