राम उवाच एवमेतत् कुरुश्रेष्ठ कर्तव्यं भूतिमिच्छता । धर्मो होष महाबाहो विशिष्टे: सह युध्यताम्,परशुरामजीने कहा--कुरुश्रेष्ठ! अपनी उन्नतिके चाहनेवाले प्रत्येक योद्धाको ऐसा ही करना चाहिये। महाबाहो! अपनेसे विशिष्ट गुरुजनोंके साथ युद्ध करनेवाले राजाओंका यही धर्म है
রাম বললেন—হে কুরুশ্রেষ্ঠ! উন্নতি কামনাকারী বীরের এভাবেই করা উচিত। হে মহাবাহো! নিজের চেয়ে শ্রেষ্ঠ গুরুজনের সঙ্গে যুদ্ধ করতে উদ্যত রাজাদের এটাই ধর্ম।
राम उवाच