उलूकदूतवाक्यम् / Ulūka’s Message to the Pāṇḍavas
यो माहेन्द्रं धनुर्लेभे तुल्यं गाण्डीवतेजसा । शार्ड्रेण च महाबाहु: सम्मितं दिव्यलक्षणम्,जिस महाबाहुने गाण्डीवधनुषके तेजके समान ही तेजस्वी विजय नामक धनुष इन्द्रदेवतासे प्राप्त किया था। वह दिव्य लक्षणोंसे सम्पन्न धनुष शार्ज््धनुषकी समानता करता था
সেই মহাবাহু ইন্দ্রলোক হইতে ‘বিজয়’ নামক ধনু লাভ করিয়াছিলেন, যাহা গাণ্ডীবের তেজের ন্যায় দীপ্তিমান; দিব্য লক্ষণে ভূষিত সেই ধনু শার্ঙ্গের তুল্য বলিয়া গণ্য হইত।
वैशम्पायन उवाच