उद्योगपर्व (अध्याय १२९) — केशवस्य वैभवप्रदर्शनम् / Krishna’s Theophanic Display in the Kuru Assembly
निरुद्यमा भविष्यन्ति पाण्डवा: सोमकै: सह । “ये महाबाहु श्रीकृष्ण ही समस्त पाण्डवोंके कल्याणसाधक और कवचकी भाँति रक्षा करनेवाले हैं। सम्पूर्ण यदुवंशियोंके शिरोमणि तथा वरदायक इस श्रीकृष्णके बन्दी बना लिये जानेपर सोमकोंसहित सब पाण्डव उद्योगशून्य हो जायँगे
মহাবাহু শ্রীকৃষ্ণ—যিনি সমগ্র পাণ্ডবদের কল্যাণসাধক ও কবচের মতো রক্ষক, যাদবকুলের শিরোমণি এবং বরদাতা—তাঁকে যদি বন্দী করা হয়, তবে সোমকসহ সকল পাণ্ডব উদ্যোগহীন হয়ে পড়বে।
वैशम्पायन उवाच