राजधर्मः—प्रमादवर्जनं, दण्डनीतिः, दुर्बलरक्षणम्
Royal Dharma: Vigilance, Just Punishment, Protection of the Vulnerable
दुर्बलार्थ बल॑ सृष्टं धात्रा मान्धातरुच्यते । अबलं तु महद्धूतं यस्मिन् सर्व प्रतिष्ठितम्,मान्धाता! कहते हैं कि विधाताने दुर्बल प्राणियोंकी रक्षाके लिये ही बलसम्पन्न राजाकी सृष्टि की है। निर्बल प्राणियोंका महान् समुदाय राजाके बलपर टिका हुआ है
durbalārthaṃ balaṃ sṛṣṭaṃ dhātrā māndhātar ucyate | abalaṃ tu mahad bhūtaṃ yasmin sarvaṃ pratiṣṭhitam ||
হে মান্ধাতা! বলা হয়, বিধাতা দুর্বলদের রক্ষার জন্যই বলবান রাজশক্তির সৃষ্টি করেছেন। শক্তিহীনদের বিশাল সমষ্টি সেই শক্তির উপরই আশ্রিত ও প্রতিষ্ঠিত।
उतथ्य उवाच