वसुमना उवाच केन भूतानि वर्धन्ते क्षयं गच्छन्ति केन वा । कमर्चन्तो महाप्राज्ञ सुखमव्ययमाप्रुयु:,वसुमना बोले--महामते! राज्यमें रहनेवाले प्राणियोंकी वृद्धि कैसे होती है? उनका हास कैसे हो सकता है? किस देवताकी पूजा करनेवाले लोगोंको अक्षय सुखकी प्राप्ति हो सकती है?
বসুমনা বললেন—হে মহামতি! রাজ্যে বসবাসকারী প্রাণীরা কোন কারণে বৃদ্ধি পায়, আর কোন কারণে ক্ষয়ে যায়? আর কোন দেবতার আরাধনা করলে মানুষ অক্ষয় সুখ লাভ করে?
वसुमना उवाच