व्यवहार: सुसूक्ष्मक्ष तथा कण्टकशोधनम् । श्रमो व्यायामयोगकश्न त्यागो द्रव्यस्य संग्रह:,शासनसम्बन्धी अत्यन्त सूक्ष्म व्यवहार, कण्टक-शोधन (राज्यकार्यमें विघ्न डालनेवालेको उखाड़ फेंकना), परिश्रम, व्यायाम-योग तथा धनके त्याग और संग्रहका भी उसमें प्रतिपादन किया गया है
তাতে শাসন-সম্পর্কিত অতি সূক্ষ্ম ব্যবহার, কণ্টক-শোধন (রাষ্ট্রকার্যে বিঘ্নকারীদের উৎখাত), পরিশ্রম, ব্যায়াম-যোগ এবং ধনের ত্যাগ ও সঞ্চয়ের কথাও বিধৃত হয়েছে।
भीष्म उवाच