Adhyāya 284: Tapas as a Corrective to Household Attachment
Parāśara’s Instruction
आपके रूपकी कहीं भी समता नहीं है, इसलिये आप अप्रतिरूप हैं। विविध रूप धारण करनेके कारण आपका नाम विरूप है। आप ही परम कल्याणकारी शिव हैं। आप ही सूर्य हैं, आप ही सूर्यमण्डलके भीतर सुशोभित होते हैं। आप अपनी ध्वजा और पताकापर सूर्यका चिह्न धारण करते हैं। आपको नमस्कार है ।।
namaḥ pramathanāthāya vṛṣaskandhāya dhanvine | śatrudamāya daṇḍāya parṇacīrapaṭāya ca ||
প্রমথনাথ, বৃষস্কন্ধ, ধন্বী; শত্রুদম, দণ্ডস্বরূপ; পর্ণ-চীর-পটধারী—আপনাকে প্রণাম।
भीष्म उवाच