मदीया माननीयास्ते श्रोतव्यं च हितं वच: । कल्पिता या च मे वृत्ति: सा भवेत् त्वयि सुस्थिरा,मेरे आत्मीयजनोंका आपको सम्मान करना होगा। मेरी कही हुई हितकर बातें आपको सुननी होंगी। मेरे लिये जो जीविकाकी व्यवस्था आपने की है, वह आपहीके पास सुस्थिर एवं सुरक्षित रहे
আমার আত্মীয়জন তোমার কাছে সম্মানিত হবে; আমার বলা কল্যাণকর বাক্য তোমাকে শুনতে হবে। আর আমার জীবিকার যে ব্যবস্থা তুমি করেছ, তা তোমার কাছেই স্থির ও নিরাপদ থাকবে।
शार्टूल उवाच