तस्याज्ञां शिरसा योधा: परिगृहा[ विशाम्पते | विवर्णवदना राजन् न््यविशन्त महारथा:,प्रजानाथ! वे सब महारथी योद्धा दुर्योधनकी आज्ञा शिरोधार्य करके शिबिरमें प्रविष्ट हुए। उन सबके मुखोंकी कान्ति फीकी पड़ गयी थी
tasyājñāṃ śirasā yodhāḥ parigṛhya viśāṃpate | vivarṇavadanā rājan nyaviśanta mahārathāḥ ||
সঞ্জয় বললেন—হে প্রজানাথ! তারা তাঁর আদেশ শিরোধার্য করল। হে রাজন, সেই মহারথীরা বিবর্ণ মুখে শিবিরে প্রবেশ করল।
संजय उवाच