एते द्रवन्ति राजानो भीमसेनभयार्दिता: । दुर्योधनश्व सम्मूढो भ्रातृव्यसनकर्शित:,'राधानन्दन! तुम खेद न करो, तुम्हें यह शोभा नहीं देता है। ये राजालोग भीमसेनके भयसे पीड़ित हो भागे जा रहे हैं। अपने भाइयोंकी मृत्युसे दु:खित हो राजा दुर्योधन भी किंकर्तव्यविमूढ़ हो गया है
রাধানন্দন! তুমি বিষণ্ণ হয়ো না; তা তোমার শোভা পায় না। এই রাজারা ভীমসেনের ভয়ে কাতর হয়ে পালিয়ে যাচ্ছে। ভ্রাতৃবিয়োগের শোকে রাজা দুর্যোধনও কর্তব্যবিমূঢ় হয়ে পড়েছে।
संजय उवाच