विद्धो5स्मि वीराशु भृशं त्वयाद्य सहस्व भूयो5पि गदाप्रहारम् । उक्त्वैवमुच्चै: कुपितो5थ भीमो जग्राह तां भीमगदां वधाय,और बोले--'वीर! तूने तो आज मुझे शीघ्रतापूर्वक बाण मारकर बहुत घायल कर दिया; किंतु अब स्वयं भी मेरी गदाका प्रहार सहन कर।' उच्च स्वरसे ऐसा कहकर कुपित हुए भीमसेनने दुःशासनके वधके लिये एक भयंकर गदा हाथमें ले ली
viddho ’smi vīrāśu bhṛśaṃ tvayādya sahasva bhūyo ’pi gadāprahāram | uktvaivam uccaiḥ kupito ’tha bhīmo jagrāha tāṃ bhīmagadāṃ vadhāya ||
সঞ্জয় বললেন—ভীম বলল, “হে বীর! আজ তুমি দ্রুতই তোমার শর দিয়ে আমাকে ভীষণভাবে বিদ্ধ করেছ; এখন আমার গদার আঘাতও সহ্য কর।” এ কথা উচ্চস্বরে বলে ক্রুদ্ধ ভীম বধের উদ্দেশ্যে তার ভয়ংকর গদা তুলে নিল—দুঃশাসনকে নিধন করার সংকল্পে।
संजय उवाच