हन्ताहं पाण्डवान् सर्वान् सपुत्रानिति योउब्रवीत् | तमद्य कर्ण हन्तास्मि मिषतां सर्वधन्विनाम्,“जिसने यह कहा था कि मैं *पुत्रोंसहित समस्त पाण्डवोंको मार डालूँगा” उस कर्णको आज समस्त धनुर्धरोंके देखते-देखते मैं नष्ट कर दूँगा
hantāhaṃ pāṇḍavān sarvān saputrān iti yo ’bravīt | tam adya karṇa hantāsmi miṣatāṃ sarvadhanvinām ||
সঞ্জয় বললেন— যে একদিন বলেছিল— ‘পুত্রসমেত সমস্ত পাণ্ডবকে আমি বধ করব’— সেই কর্ণকে আজ সকল ধনুর্ধরের চোখের সামনেই আমি বিনাশ করব।
संजय उवाच