वासुदेवं च दाशार्ह विजेष्यामि महारथम् | “कर्ण सदा ही यह कहता रहता है कि “मैं युद्धमें एक साथ आये हुए समस्त कुन्तीपुत्रों तथा वसुदेवनन्दन महारथी श्रीकृष्णको भी जीत लूँगा' ।। ६८ $ ।। प्रोत्साहयन् दुरात्मान धार्त॑राष्ट्र सुदुमीतिम्
vāsudevaṃ ca dāśārha vijeṣyāmi mahāratham | protsāhayan durātmānaṃ dhārtarāṣṭraṃ sudurmatim ||
সঞ্জয় বললেন—আর সে বলে—‘দাশার্হ বাসুদেব, সেই মহারথীকেও আমি পরাজিত করব।’ এভাবে অহংকারপূর্ণ বাক্যে কর্ণ দুষ্টাত্মা ও কুটিলসংকল্প ধৃতরাষ্ট্রপুত্রকে যুদ্ধে সর্বনাশের সিদ্ধান্তের দিকে বারবার উসকে দিত।
संजय उवाच