इस प्रकार श्रीमह्याभारत कर्णपर्वमें संजय-वाक्यविषयक पाँचवाँ अध्याय पूरा हुआ,पज्चालानां महेष्वासा: सर्वे युद्धविशारदा: । द्रोणेन सह संगम्य गता वैवस्वतक्षयम् युद्धकी कलामें कुशल सम्पूर्ण पांचाल महाधनुर्धर द्रोणाचार्यसे टक्कर लेकर यमलोकमें जा पहुँचे हैं
এইভাবে শ্রীমহাভারতের কর্ণপর্বে সঞ্জয়-বাক্যবিষয়ক পঞ্চম অধ্যায় সমাপ্ত হল। যুদ্ধবিদ্যায় পারদর্শী পাঞ্চালদের সকল মহাধনুর্ধর দ্রোণের সঙ্গে সংঘর্ষে লিপ্ত হয়ে বৈবস্বত-ক্ষয়—যমলোক—প্রাপ্ত হল।
संजय उवाच