रथारूढांस्तु सुबहून् पदातींश्वाप्पपातयत्,उन्होंने अपने रथपर चढ़े हुए बहुत-से पैदल सैनिकोंको धक्के देकर नीचे गिरा दिया और आस-पास खड़े हुए संशप्तक-योद्धाओंको निकटसे युद्ध करनेमें उपयोगी बाणोंद्वारा ढक दिया एवं समरांगणमें भगवान् श्रीकृष्णसे इस प्रकार कहा--
তিনি রথারূঢ় বহু পদাতিক ও অশ্বকে আঘাতে নীচে ফেলে দিলেন; আর নিকটে দাঁড়ানো সংশপ্তক যোদ্ধাদের উপর নিকটযুদ্ধোপযোগী শরবর্ষণে আচ্ছন্ন করলেন। তারপর সমরাঙ্গণে ভগবান শ্রীকৃষ্ণকে এইভাবে বললেন—
संजय उवाच