अभिमन्यु–अलम्बुसयुद्धम् / The Duel of Abhimanyu and Alambusa
with Arjuna’s approach to Bhīṣma
संशयं परम॑ प्राप्त मज्जन्तं व्यसनार्णवे । क्रोधमें भरे हुए इन समस्त योद्धाओंको वेगपूर्वक धावा करते देख द्रोणाचार्यने आपके महारथियोंसे कहा--“वीरो! तुम्हारा कल्याण हो। शीघ्र जाओ और संकटके समुद्रमें डूबकर महान् प्राणसंशयमें पड़े हुए राजा दुर्योधनकी रक्षा करो
ক্রোধে পূর্ণ সেই সকল যোদ্ধাকে প্রবল বেগে ধেয়ে আসতে দেখে দ্রোণাচার্য আপনার মহারথীদের বললেন—“বীরগণ! তোমাদের মঙ্গল হোক। শীঘ্র যাও; বিপদের সাগরে ডুবে পরম সংশয়ে পতিত রাজা দুর্যোধনকে রক্ষা কর।”
संजय उवाच