भीष्मपर्व — अध्याय ६६: तुमुलसंग्रामवर्णनम्
The Tumult of Battle Described
स संवार्य बलौघांस्तान् गदया रथिनां वर: । अतिष्ठत् तुमुले भीमो गिरिमेंरुरिवाचल:,रथियोंमें श्रेष्ठ भीमसेन उस सारे सैन्यसमूहको गदाद्वारा रोककर उस भयंकर युद्धमें मेरु पर्वतके समान अविचलभावसे खड़े रहे
sa saṃvārya balaughāṃs tān gadayā rathināṃ varaḥ | atiṣṭhat tumule bhīmo girimerur ivācalaḥ ||
সঞ্জয় বললেন—রথীদের মধ্যে শ্রেষ্ঠ ভীম গদার দ্বারা সেই সমগ্র সৈন্যসমূহকে প্রতিহত করে, ভয়ংকর কোলাহলময় যুদ্ধে মেরু পর্বতের ন্যায় অচল হয়ে দাঁড়িয়ে রইলেন।
संजय उवाच