एकैकश: समर्था हि यूयं सर्वे महारथा: । पाण्डुपुत्रान् रणे हन्तुं ससैन्यान् किमु संहता:,“आप सभी महारथी हैं। आपमेंसे प्रत्येक योद्धा रणक्षेत्रमें सेनासहित पाण्डवोंका वध करनेमें समर्थ हैं। फिर सब लोग मिलकर उन्हें परास्त कर दें, इसके लिये तो कहना ही क्या है
তোমরা সকলে মহারথী। তোমাদের প্রত্যেকে একাই রণক্ষেত্রে সৈন্যসহ পাণ্ডবদের বিনাশ করতে সক্ষম; তবে একত্র হলে তাদের পরাস্ত করা তো আরও সহজ।
संजय उवाच