Chapter 51: Saṃdhyākāla-saṃhāra
Evening Withdrawal after Arjuna’s Counter-Advance
तस्य क्रुद्ध:ः स नागेन्द्रो बृहत: साधुवाहिन: । पदा युगमधिष्ठाय जघान चतुरो हयान्,इससे वह गजेन्द्र शल्यपर अत्यन्त कुपित हो उठा और अपना एक पैर रथके जूएपर रखकर उसे अच्छी तरह वहन करनेवाले चारों विशाल घोड़ोंको मार डाला
tasya kruddhaḥ sa nāgendro bṛhataḥ sādhuvāhinaḥ | padā yugam adhiṣṭhāya jaghāna caturo hayān |
এতে সেই গজেন্দ্র শল্যের প্রতি ভীষণ ক্রুদ্ধ হয়ে উঠল; রথের জোয়ালে এক পা রেখে, রথ টানতে সক্ষম চারটি বৃহৎ ঘোড়াকেই সে হত্যা করল।
संजय उवाच