भीष्मविक्रमदर्शनं तथा क्रौञ्चारुणव्यूहविधानम् | Bhīṣma’s Ascendancy and the Organization of the Krauñcāruṇa Formation
प्रवृत्ति च निवृत्ति च कार्याकार्ये भया भये । बन्ध॑ मोक्ष च या वेत्ति बुद्धि: सा पार्थ सातक््चिकी,हे पार्थ! जो बुद्धि प्रवृत्तिमार्ग- और निवृत्तिमार्गकोः कर्तव्य और अकर्तव्यको,* भय और अभयको” तथा बन्धन और मोक्षको* यथार्थ जानती है, वह बुद्धि सात््विकी है
pravṛttiṁ ca nivṛttiṁ ca kāryākārye bhayābhaye | bandhaṁ mokṣaṁ ca yā vetti buddhiḥ sā pārtha sāttvikī ||
হে পার্থ! যে বুদ্ধি প্রবৃত্তি ও নিবৃত্তির পথ, করণীয় ও অকরণীয়, ভয় ও অভয়, এবং বন্ধন ও মোক্ষ—এসবকে যথার্থভাবে জানে, সেই বুদ্ধি সাত্ত্বিক।
अजुन उवाच