Kurukṣetra-sainyadarśana and Arjuna-viṣāda (धर्मक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः — अर्जुनविषाद)
यक्षरक्ष:पिशाचेभ्यो न भयं विद्यते सदा । जो मनुष्य सबेरे उठकर इस स्तोत्रका पाठ करता है, उसे यक्ष, राक्षस और पिशाचोंसे कभी भय नहीं होता
yakṣarakṣaḥpiśācebhyo na bhayaṁ vidyate sadā |
যে ব্যক্তি প্রভাতে উঠে এই স্তোত্র পাঠ করে, তার যক্ষ, রাক্ষস ও পিশাচদের থেকে কখনও ভয় থাকে না।
संजय उवाच