भीष्मपर्व — अध्याय २: संजयस्य दिव्यदृष्टिप्रदानम् तथा निमित्तवर्णनम्
Granting Sañjaya Divine Sight and the Description of Omens
श्वेतलोहितपर्यन्ता: कृष्णग्रीवा: सविद्युत: । विवर्णा: परिघा: संधौ भानुमन्तमवारयन्,'संध्याके समय सूर्यदेवको तिरंगे घेरोंने सब ओरसे घेर रखा था। उनमें श्वेत और लाल रंगके घेरे दोनों किनारोंपर थे और मध्यमें काले रंगका घेरा दिखायी देता था। इन घेरोंके साथ बिजलियाँ भी चमक रही थीं
śvetalohitaparyantāḥ kṛṣṇagrīvāḥ savidyutaḥ | vivarṇāḥ parighāḥ sandhau bhānumantam avārayan ||
বৈশম্পায়ন বললেন—সন্ধ্যাকালে শ্বেত ও লোহিত প্রান্তবিশিষ্ট, মধ্যভাগে কৃষ্ণগ্রীবার ন্যায় অন্ধকার, বিদ্যুৎসহ বিবর্ণ পরিঘগুলি ভানুমন্ত সূর্যকে চারিদিক থেকে ঘিরে যেন বাধা দেয়।
वैशम्पायन उवाच