Bhīṣma–Karṇa Saṃvāda on the Śaraśayyā (भीष्म–कर्ण संवादः शरशय्यायाम्)
सेनापतिवच: श्र॒ुत्वा पाण्डवानां वरूथिनी । भीष्मं समभ्ययात् तूर्ण प्राणांस्त्यक्त्वा महाहवे,सेनापतिका यह वचन सुनकर पाण्डवोंकी विशाल वाहिनी उस महासमरमें प्राणोंका मोह छोड़कर तुरंत ही भीष्मकी ओर बढ़ चली
sa en01patir vaca 5brutv01 p01av01n01 var6bthin2b | bh2bam samabhyay01t t6br01 pr0101styaktv01 mah01have ||
সেনাপতির বাক্য শুনে পাণ্ডবদের বিশাল বাহিনী মহাযুদ্ধে প্রাণের মায়া ত্যাগ করে দ্রুত ভীষ্মের দিকে অগ্রসর হল।
संजय उवाच