Yuga-Lakṣaṇa and Varṣa-Pramāṇa Inquiry (युगलक्षण–वर्षप्रमाण–प्रश्न)
संजय उवाच राजन् सुबहवो द्वीपा यैरिदं संततं जगत् । सप्तद्वीपान् प्रवक्ष्यामि चन्द्रादित्यौ ग्रह तथा,संजय बोले--राजन्! बहुत-से द्वीप हैं, जिनसे सम्पूर्ण जगत् परिपूर्ण है। अब मैं आपकी आज्ञाके अनुसार सात द्वीपोंका तथा चन्द्रमा, सूर्य और राहुका भी वर्णन करूँगा
সঞ্জয় বললেন—রাজন্! যেসব দ্বীপের দ্বারা এই সমগ্র জগৎ বিস্তৃত, সেগুলি বহু। এখন আমি সাত দ্বীপের, এবং চন্দ্র-সূর্য ও গ্রহসমূহেরও বিবরণ দেব।
संजय उवाच