Uttanka’s Viśvarūpa Request and the ‘Uttanka Clouds’ Boon (उत्तङ्क-विष्वरूप-दर्शनम्)
#फ्जला+ (0) आज अत+- चतुष्पठ्चाशत्तमोडध्याय: भगवान् श्रीकृष्णका उत्तंकसे अध्यात्मतत्त्वका वर्णन करना तथा दुर्योधनके अपराधको कौरवोंके विनाशका कारण बतलाना उत्तद्क उवाच ब्रूहि केशव तत्त्वेन त्वमध्यात्ममनिन्दितम् । श्रुत्वा श्रेयोडभिधास्यामि शापं वा ते जनार्दन
চতুঃপঞ্চাশতম অধ্যায়। উত্তঙ্ক বললেন—হে কেশব! তত্ত্বতঃ তুমি আমাকে সেই নির্দোষ অধ্যাত্মতত্ত্ব বলো। তা শুনে, হে জনার্দন, আমি হয় তোমার মঙ্গলকথা বলব, নয়তো তোমাকে শাপ দেব।
उत्तद्क उवाच