आदि पर्व, अध्याय 67 — गान्धर्वविवाह-समयः
Duḥṣanta–Śakuntalā: Gandharva Marriage and Succession Condition
य॑ य॑ देवं त्वमेतेन मन्त्रेणावाहयिष्यसि । तस्य तस्य प्रसादात् त्वं देवि पुत्राउजनिष्यसि,'देवि! तुम इस मन्त्रद्वारा जिस-जिस देवताका आवाहन करोगी, उसी-उसीके कृपाप्रसादसे पुत्र उत्पन्न करोगी”
yaṃ yaṃ devaṃ tvam etena mantreṇāvāhayiṣyasi | tasya tasya prasādāt tvaṃ devi putrān ajaniṣyasi ||
দেবি! তুমি এই মন্ত্র দ্বারা যে-যে দেবতাকে আহ্বান করবে, সেই-সেই দেবতার কৃপা-প্রসাদে তুমি পুত্রসন্তান প্রসব করবে।
वैशम्पायन उवाच