Duḥṣanta at Kaṇva-Āśrama; Śakuntalā’s Reception and Origin Prelude (दुःषन्तस्य कण्वाश्रमागमनम्)
कालाया: प्रथिता: पुत्रा: कालकल्पा: प्रहारिण: | प्रविख्याता महावीर्या दानवेषु परंतपा:,कालाके विख्यात पुत्र अस्त्र-शस्त्रोंका प्रहार करनेमें कुशल और साक्षात् कालके समान भयंकर थे। दानवोंमें उनकी बड़ी ख्याति थी। वे महान् पराक्रमी और शत्रुओंको संताप देनेवाले थे
বৈশম্পায়ন বললেন— কালার পুত্রগণ প্রসিদ্ধ ছিল; তারা যেন স্বয়ং কালেরই সদৃশ ভয়ংকর এবং আঘাতে নিপুণ। দানবদের মধ্যে তারা মহাবীর্য ও শত্রুতাপক রূপে সুপরিচিত ছিল।
वैशम्पायन उवाच