आदि पर्व, अध्याय ३८ — शमीक-उपदेशः, शाप-संदेशः, तक्षक-प्रसङ्गः (Śamīka’s counsel, the curse-message, and Takṣaka’s approach)
एलापत्र उवाच एवमस्त्विति तं देवा: पितामहमथाब्रुवन् उक्त्वैवं वचन देवान् विरिज्चिस्त्रिदिवं ययौ,एलापत्र कहते हैं--यह सुनकर देवता ब्रह्माजीसे कहने लगे--'एवमस्तु” (ऐसा ही हो)। देवताओंसे ये सब बातें बताकर ब्रह्माजी ब्रह्मलोकमें चले गये
Elāpatra uvāca: evam astv iti taṃ devāḥ pitāmaham athābruvan; uktvaivaṃ vacanaṃ devān viriñcis tridivaṃ yayau.
এলাপত্র বললেন—এ কথা শুনে দেবতারা পিতামহ ব্রহ্মাকে বললেন, “এবমস্তু”—‘তাই হোক’। দেবতাদের কাছে এ কথা বলে বিরিঞ্চি (ব্রহ্মা) স্বর্গলোকে গমন করলেন।
एलापत्र उवाच