Nāga-prādhānya-nāma-kathana
Principal Nāga Names Enumerated
इस प्रकार श्रीमह़्ा भारत आदिपव॑के अन्तर्गत आस्तीकपर्वमें गरुडचरित्रविषयक तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ,शतक्रतुमथोवाच प्रीयमाण: प्रजापति: । त्वत्सहायौ महावीर्यों भ्रातरौ ते भविष्यत: विनतासे ऐसा कहकर प्रसन्न हुए प्रजापतिने शतक्रतु इन्द्रसे कहा--'पुरन्दर! ये दोनों महापराक्रमी भ्राता तुम्हारे सहायक होंगे। तुम्हें इनसे कोई हानि नहीं होगी। इन्द्र! तुम्हारा संताप दूर हो जाना चाहिये। देवताओं के इन्द्र तुम्हीं बने रहोगे
śatakratum athovāca prīyamāṇaḥ prajāpatiḥ | tvat-sahāyau mahāvīryau bhrātarau te bhaviṣyataḥ ||
তখন প্রসন্ন প্রজাপতি শক্রতু ইন্দ্রকে বললেন—পুরন্দর! এই দুই মহাপরাক্রমী ভ্রাতা তোমার সহায় হবে। তাদের দ্বারা তোমার কোনো ক্ষতি হবে না; তোমার দুঃখ দূর হোক। দেবতাদের ইন্দ্র তুমি-ই থাকবে।
कश्यप उवाच