समन्तपञ्चक-आख्यानम् तथा अक्षौहिणी-प्रमाणनिर्णयः
Samantapañcaka Narrative and the Measure of an Akṣauhiṇī
नलोपाख्यानमत्रैव धर्मिष्ठं करूणोदयम् । दमयन्त्या: स्थितिर्यत्र नलस्य चरितं तथा,इसी प्रसंगमें नलोपाख्यान आता है, जिसमें धर्मनिष्ठाका अनुपम आदर्श है और जिसे पढ़-सुनकर हृदयमें करुणाकी धारा बहने लगती है। दमयन्तीका दृढ़ धैर्य और नलका चरित्र यहीं पढ़नेको मिलते हैं
এই প্রসঙ্গেই নলোপাখ্যান উপস্থিত—ধর্মনিষ্ঠার অনুপম আদর্শ ও করুণার উৎস—যেখানে দময়ন্তীর অটল ধৈর্য এবং নলের চরিত বর্ণিত।
राम उवाच