Kalmāṣapāda’s Encounter with Śakti and the Escalation of the Vasiṣṭha–Viśvāmitra Feud (कल्माषपाद–शक्ति प्रसङ्गः)
ब्राह्मण उवाच स विनिश्ित्य मनसा पाज्चाल्यं प्रति बुद्धिमान | जगाम कुरुमुख्यानां नगरं नागसाह्नयम्,आगन्तुक ब्राह्मणने कहा--बुद्धिमान् द्रोणने पांचालराज ट्रुपदसे बदला लेनेका मन- ही-मन निश्चय किया। फिर वे कुरुवंशी राजाओंकी राजधानी हस्तिनापुरमें गये
ব্রাহ্মণ বললেন—বুদ্ধিমান দ্রোণ মনে মনে পাঞ্চালরাজ দ্রুপদের প্রতি প্রতিশোধের সংকল্প করলেন; তারপর কুরুপ্রধানদের নগর, নাগসাহ্বয় হস্তিনাপুরে গমন করলেন।
ब्राह्मण उवाच