Vāraṇāvata-prasaṃsā and the Pāṇḍavas’ Departure (वरणावत-प्रशंसा तथा पाण्डव-प्रयाणम्)
कुरूणामस्ति यद् वित्तं राज्यं चेद॑ सराष्ट्रकम् । त्वमेव परमो राजा सर्वे च कुरवस्तव,कौरवोंके पास जो धन, राज्य-वैभव तथा राष्ट्र है, उसके आप ही सबसे बड़े राजा हैं। समस्त कौरव आपके अधीन हैं
Kurūṇām asti yad vittaṁ rājyaṁ ced saraṣṭrakam | tvam eva paramo rājā sarve ca kuravas tava ||
কুরুদের যে ধনসম্পদ আছে এবং যে রাজ্য তারা দেশ-প্রদেশসহ ধারণ করে—তার সর্বোচ্চ অধিপতি আপনি; সকল কৌরবই আপনার অধীন।
भीष्म उवाच