युगधर्मवर्णनम् — चतुर्युग, गुण, धर्मपाद, तथा वार्तोत्पत्ति
शिलाद उवाच भगवन् शक्र सर्वज्ञ देवदेवनमस्कृत शचीपते जगन्नाथ सहस्राक्ष महेश्वर
śilāda uvāca bhagavan śakra sarvajña devadevanamaskṛta śacīpate jagannātha sahasrākṣa maheśvara
শিলাদ বললেন—হে ভগবান শক্র! সর্বজ্ঞ, দেবদেবগণের নমস্কৃত; হে শচীপতি, জগন্নাথ, সহস্রাক্ষ, মহেশ্বর!
Śilāda