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Shloka 20

ललिताप्रादुर्भाव-स्तुति

Lalita’s Cosmic Praise and Body–Cosmos Correspondences

यदाज्ञया प्रवर्तन्ते वह्निसूर्यैदुमारुताः / पृथिव्यादीनि भूतानि तस्यै देव्यै नमोनमः

yadājñayā pravartante vahnisūryaidumārutāḥ / pṛthivyādīni bhūtāni tasyai devyai namonamaḥ

যাঁর আজ্ঞায় অগ্নি, সূর্য, চন্দ্র ও বায়ু প্রবৃত্ত হয়, এবং পৃথিবী প্রভৃতি সকল ভূত চলমান হয়—সেই দেবীকে বারংবার নমস্কার।

यत्which/that (by whose)
यत्:
सम्बन्ध (सम्बन्ध-प्रदर्शक)
TypeNoun
Rootयद् (प्रातिपदिक)
Formनपुंसकलिङ्ग, प्रथमा/द्वितीया (1st/2nd), एकवचन; सम्बन्धसूचक सर्वनाम (relative pronoun)
आज्ञयाby (her) command
आज्ञया:
करण (करणम्)
TypeNoun
Rootआज्ञा (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, तृतीया (3rd/करण), एकवचन
प्रवर्तन्तेproceed/act
प्रवर्तन्ते:
क्रिया (आख्यात)
TypeVerb
Rootप्र√वृत् (धातु)
Formलट् (वर्तमान), प्रथमपुरुष, बहुवचन; आत्मनेपद
वह्नि-सूर्य-इन्दु-मारुताःfire, sun, moon, and winds
वह्नि-सूर्य-इन्दु-मारुताः:
कर्ता (कर्ता)
TypeNoun
Rootवह्नि (प्रातिपदिक) + सूर्य (प्रातिपदिक) + इन्दु (प्रातिपदिक) + मारुत (प्रातिपदिक)
Formपुंलिङ्ग, प्रथमा (1st), बहुवचन; इतरेतर-द्वन्द्व
पृथिवी-आदीनि(things) beginning with earth
पृथिवी-आदीनि:
अन्य-कर्ता/उद्देश्य (सह-सम्बन्ध)
TypeNoun
Rootपृथिवी (प्रातिपदिक) + आदि (प्रातिपदिक)
Formनपुंसकलिङ्ग, प्रथमा/द्वितीया (1st/2nd), बहुवचन; ‘पृथिवी-आदि’ = beginning with earth
भूतानिbeings/elements
भूतानि:
कर्ता (कर्ता)
TypeNoun
Rootभूत (प्रातिपदिक)
Formनपुंसकलिङ्ग, प्रथमा/द्वितीया (1st/2nd), बहुवचन
तस्यैto her
तस्यै:
सम्प्रदान (सम्प्रदानम्)
TypeNoun
Rootतद् (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, चतुर्थी (4th/सम्प्रदान), एकवचन; सर्वनाम
देव्यैto the goddess
देव्यै:
सम्प्रदान (सम्प्रदानम्)
TypeNoun
Rootदेवी (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, चतुर्थी (4th/सम्प्रदान), एकवचन
नमःsalutation
नमः:
सम्बोधन/प्रयोग (नमस्कार-प्रयोग)
TypeIndeclinable
Rootनमस् (प्रातिपदिक)
Formअव्यय; नमस्कारार्थक निपात
नमःsalutation (again)
नमः:
सम्बोधन/प्रयोग (नमस्कार-प्रयोग)
TypeIndeclinable
Rootनमस् (प्रातिपदिक)
Formअव्यय; पुनरुक्ति (emphatic repetition)